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[Hook – 0:16–0:30]
"Kya aapne notice kiya hai ki har saal garmi zyada padti ja rahi hai? Ya phir har subah ki hawa me ek ajeeb si dhund hoti hai? Ye sab pollution aur climate change ka nateeja hai."
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[Part 1 – Pollution kyu badh raha hai? – 0:31–1:30]
Gaadiyon ka badhta istemal
Factory aur industry emissions
Pedon ki katayi
Kachre ka jalana
Construction activities
"Ye sab mila ke hamari hawa ko zehrila bana rahe hain. Aur iska asar sabse zyada padta hai bacchon, buzurgon aur asthma patients pe."
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[Part 2 – Temperature badhne ka reason – 1:31–2:15]
Global warming
Deforestation
Greenhouse gases
"Sochiye, jab har jagah concrete hoga aur ped nahi honge, to thandak kaise milegi? Garmi to badhegi hi."
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[Part 3 – Iska asar kya pad raha hai? – 2:16–3:00]
Health problems
Heat waves
Pani ki kami
Barish ka pattern bigadna
"Yeh sab sirf ek sheher ya ek rajya ka nahi, poore desh ka issue hai."
2024 को अब तक का सबसे गर्म वर्ष घोषित किया गया है, जिसमें वैश्विक औसत तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.5°C अधिक रहा।
📄 स्रोत: Dainik Tribune
अक्टूबर 2024 भारत में 1901 के बाद से सबसे गर्म अक्टूबर रहा, जिसमें औसत तापमान सामान्य से 1.23°C अधिक दर्ज किया गया।
📄 स्रोत: NDTV
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🌡️ भारत के प्रमुख शहरों में तापमान की स्थिति
📍 उत्तर प्रदेश (प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी)
मई 2024 में उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 44°C से अधिक दर्ज किया गया, जिससे भीषण गर्मी और उमस का अनुभव हुआ।
📄 स्रोत: News18
📍 राजस्थान (जयपुर, जोधपुर, बीकानेर)
मार्च 2024 से ही राजस्थान में तापमान में तेजी से वृद्धि हुई, और फरवरी के अंत तक ही तापमान 40°C तक पहुंच गया।
📄 स्रोत: Morning News India
📍 मध्य प्रदेश (भोपाल, इंदौर, ग्वालियर)
जनवरी 2024 में मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन दिन के तापमान में वृद्धि देखी गई, जिससे मौसम में असामान्यता रही।
📄 स्रोत: Dainik Bhaskar
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🌍 वैश्विक तापमान वृद्धि और इसके प्रभाव
2024 में वैश्विक स्तर पर अत्यधिक गर्मी के कारण औसतन 41 दिनों की वृद्धि हुई, और जलवायु परिवर्तन के कारण कम से कम 3,700 लोगों की मृत्यु हुई।
📄 स्रोत: NDTV
2024 में भारत के प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति
📍 दिल्ली
स्थिति: दिल्ली ने 2024 में वार्षिक वायु गुणवत्ता मानकों को वर्ष के अंत से पहले ही पार कर लिया, PM10 और PM2.5 स्तरों के साथ।
स्रोत: Times of India
📍 मुंबई
स्थिति: मुंबई की वायु गुणवत्ता में 2024 में सुधार देखा गया, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार 'मध्यम' AQI अभी भी स्वस्थ मानकों से दूर है।
स्रोत: Hindustan Times
📍 कोलकाता
स्थिति: कोलकाता में PM2.5 की विषाक्तता में अचानक वृद्धि देखी गई, जो 70 µg/m³ से अधिक हो गई।
स्रोत: Devdiscourse
📍 चेन्नई
स्थिति: चेन्नई के मणाली क्षेत्र में औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पायलट परियोजना शुरू की गई।
स्रोत: The New Indian Express
📍 बेंगलुरु
स्थिति: बेंगलुरु में PM2.5 स्तर जनवरी 2024 में 44.0 µg/m³ तक पहुंच गया, जो WHO के सुरक्षित सीमा से काफी अधिक है।
स्रोत: Residents Watch
📍 लखनऊ
स्थिति: लखनऊ में मानसून के बाद वायु प्रदूषण में 23% की कमी देखी गई, लेकिन PM2.5 स्तर में 2.1% की वृद्धि हुई।
स्रोत: Times of India
📍 कानपुर
स्थिति: कानपुर ने वायु गुणवत्ता और प्रदूषण नियंत्रण प्रयासों में राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
स्रोत: KanpurWants
📍 पटना
स्थिति: बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में 113% की वृद्धि हुई, जो पर्यावरण के प्रति जागरूकता को दर्शाता है।
स्रोत: Times of India
📍 गाज़ियाबाद
स्थिति: गाज़ियाबाद में PM2.5 स्तर 2022 में 93 µg/m³ से घटकर 2024 में 77 µg/m³ हो गया, लेकिन यह अभी भी सुरक्षित सीमा से ऊपर है।
स्रोत: Hindustan Times
[0:00 – 0:20] | परिचय
"नमस्कार दोस्तों! आज हम चर्चा करेंगे 2025 में भारत में बढ़ते तापमान और इसके मानव शरीर पर प्रभाव के बारे में।"
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🕒 [0:21 – 1:00] | 2025 में तापमान की स्थिति
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के अनुसार, 2025 अब तक के तीन सबसे गर्म वर्षों में से एक होने की संभावना है।
📄 स्रोत: Times of India
फरवरी 2025 भारत में 125 वर्षों में सबसे गर्म फरवरी रही, जिसमें औसत न्यूनतम तापमान 19.5°C दर्ज किया गया।
📄 स्रोत: Times of India
मार्च 2025 में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी कि यह महीना रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ला सकता है, जिससे गेहूं जैसी फसलों पर प्रभाव पड़ सकता है।
📄 स्रोत: Business Standard
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🕒 [1:01 – 2:00] | मानव शरीर के लिए आदर्श तापमान सीमा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मानव शरीर के लिए आदर्श तापमान सीमा 20°C से 25°C (68°F से 77°F) के बीच होती है।
📄 स्रोत: NCESC
इस सीमा से अधिक तापमान पर शरीर को अतिरिक्त प्रयास करना पड़ता है, जिससे थकान, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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🕒 [2:01 – 3:00] | बढ़ते तापमान के प्रभाव
स्वास्थ्य पर प्रभाव: बढ़ते तापमान से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं।
कृषि पर प्रभाव: अत्यधिक गर्मी से फसलों की पैदावार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे खाद्य सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
जल संकट: बढ़ती गर्मी से जल स्रोत सूख रहे हैं, जिससे पानी की कमी हो रही है।
PM10 और PM2.5 स्तर: दिल्ली ने अप्रैल 2025 तक ही वार्षिक राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों को पार कर लिया।
📄 Times of India
स्वास्थ्य पर प्रभाव: WHO कहता है कि दिल्ली की जहरीली हवा जीवन प्रत्याशा को 10 साल तक घटा सकती है।
📄 Business Standard
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🕒 [1:31 – 2:00] | आम व्यक्ति के लिए कैसी होनी चाहिए हवा?
WHO के अनुसार:
PM2.5 सुरक्षित स्तर: 15 µg/m³
PM10 सुरक्षित स्तर: 45 µg/m³
AQI स्केल:
0–50: अच्छा (Good)
51–100: संतोषजनक (Satisfactory)
101–200: मध्यम (Moderate)
201–300: खराब (Poor)
301–400: बहुत खराब (Very Poor)
401–500+: गंभीर (Severe)
"मतलब अगर AQI 100 से ऊपर है, तो बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमार लोगों के लिए खतरा बढ़ जाता है। और 300 से ऊपर तो पूरी आबादी के लिए खतरनाक है!"
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🕒 [2:01 – 3:00] | अन्य शहरों की स्थिति
बर्नीहाट (असम): PM2.5 स्तर 127.3 µg/m³
📄 GKToday
गुरुग्राम: 96.7 µg/m³
मुंबई: फरवरी 2025 में एयर क्वालिटी इतनी खराब कि विदेशी मेहमान को पॉडकास्ट छोड़ना पड़ा
📄 Business Standard
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🕒 [3:01 – 4:00] | छोटे शहरों में बढ़ता खतरा
छोटे शहर जैसे बर्नीहाट, पटना, कानपुर और आगरा अब दिल्ली जैसे शहरों के बराबर प्रदूषण झेल रहे हैं।
📄 Down To Earth
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🕒 [4:01 – 4:30] | समाधान और सुझाव
स्वच्छ ईंधन का उपयोग
पेड़ लगाएं
पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएं
घर में एयर प्यूरीफायर लगाएं (अगर संभव हो)
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🕒 [4:31 – 5:00] | समापन
"2025 में प्रदूषण का स्तर बता रहा है कि अगर हम अब नहीं जागे, तो आने वाला कल और भी जहरीला हो सकता है। जागिए, जुड़िए, और साफ हवा के लिए लड़िए। वीडियो को लाइक और शेयर ज़रूर करें!"
"मैं आपसे कुछ माँगने नहीं आया, बस एक छोटी सी बात कहना चाहता हूँ।
आपने इस वीडियो को यहाँ तक देखा, इसका मतलब है — आपके भीतर समझ है, संवेदनशीलता है, और शायद एक चाह भी… कुछ अच्छा करने की।
आज जो हो रहा है – तापमान का बढ़ना, हवा का ज़हरीला होना – ये किसी और की नहीं, हम सबकी कहानी है।
और मुझे पूरा यकीन है, कि अगर कोई बदलाव ला सकता है — तो वो आप हैं।
शायद आप पेड़ न लगा पाएं, या सड़कों पर जाकर कोई मुहिम न चला पाएं,
लेकिन अगर आप इस वीडियो को आगे बढ़ाते हैं, किसी और तक पहुँचाते हैं,
तो क्या पता वही व्यक्ति कल इस धरती के लिए एक बड़ा कदम उठाए।
मैं जानता हूँ कि हर किसी के पास समय नहीं होता।
पर अगर अभी आप कोई प्रयास नहीं कर सकते,
तो इतना जरूर कर सकते हैं कि इस संदेश को आगे पहुँचा दें।
क्योंकि एक क्लिक से शुरुआत हो सकती है,
और आपकी वजह से कोई और भी जाग सकता है।
मैं आपसे बस यही विनम्र निवेदन करता हूँ —
इस वीडियो को उन लोगों तक पहुँचाइए,
जो इस धरती को बचाने में हमारा साथ दे सकते हैं।
"आपका सहयोग हमारे भविष्य को संवार सकता है।
आपके समय और ध्यान के लिए धन्यवाद।"
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